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Monday, 29 April 2019

किस्सा अंडरवर्ल्ड की अखबारवाली खिड़की का


अंडरवर्ल्ड में कुछ उसूल हैं। कितनी भी दुश्मनी हो, पर सरगना दुश्मन की पत्नियों और बच्चों को हाथ नहीं लगाते, पर कई बार कुछ अपवाद भी होते हैं। 19 साल पहले जब छोटा राजन को निशाना बनाते हुए रोहित वर्मा के बैंकॉक स्थित घर में छोटा शकील के शूटर घुसे थे, तब उन्होंने गोलीबारी में रोहित वर्मा की पत्नी और बच्ची को भी घायल कर दिया था। पर इससे भी अलग किस्सा डोंगरी जोन के एसीपी अविनाश धर्माधिकारी ने सुनाया, जो दो अलग-अलग अंडरवर्ल्ड सरगनाओं की पत्नियों से जुड़ा हुआ है। धर्माधिकारी खुद अंडरवर्ल्ड से जुड़े कई केसों को इनवेस्टिगेशन कर चुके हैं।

इनमें एक किस्सा शिवराम शेट्टी की पत्नी का है और दूसरा मारियो डिक्सन की पत्नी का। शिवराम और मारियो दोनों ही शरद शेट्टी के खास आदमी थे। शरद शेट्टी छोटा राजन के प्रतिद्वंद्वी दाऊद का खास आदमी था, जिसका बाद में दुबई में मर्डर कर दिया गया था। यह शरद शेट्टी ही था, जिसने छोटा शकील के साथ मिलकर उस ऑपरेशन को अंजाम पर पहुंचाया था, जिसमें मुन्ना झिंगाडा अन्य शूटरों ने बैंकॉक में छोटा राजन पर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं। धर्माधिकारी कहते हैं कि शिवराम शेट्टी ने जिस लड़की से शादी की थी, उसे शादी से पहले पता ही नहीं था कि उसका पति क्रिमिनल है और अंडरवर्ल्ड गतिविधियों में शामिल है। लड़की बहुत ही पढ़ी- लिखी समझदार थी। वह एक अच्छे खानदान से ताल्लुक रखती थी। इसीलिए उसके लिए बाद में किसी क्रिमिनल की पत्नी के रूप में परिचय होना किसी सदमे से कम नहीं था, पर जब शिवराम के प्रतिद्वंद्वी शूटरों ने शिवराम पर 1996 में गोलियां चलाईं, तो वह अपने पति के बचाव में पति के शरीर पर ही लिपट गई। उस अंधाधुंध गोलीबारी में शिवराम के साथ उसकी पत्नी भी मारी गई।

महत्वपूर्ण बात यह है कि शिवराम और उसकी पत्नी पर गोलियां चलाने में शूटरों में एक वही रोहित वर्मा शामिल था, जिसकी खुद की पत्नी सितंबर 2000 के बैंकॉक शूटआउट में घायल हो गई थी। उस शूटआउट में रोहित वर्मा मारा गया था। शिवराम के मर्डर में रोहित वर्मा के साथ आरोप है, वह विक्की भी शामिल था, जो दाऊद को मारने के लिए फरीद तनाशा के साथ कई बार पाकिस्तान गया था। फरीद का भरत नेपाली गैंग ने चेंबूर में मर्डर कर दिया था।

शिवराम और उसकी पत्नी की कहानी पुलिस तक कैसी पहुंची, इसकी भी एक कहानी है। 1995 में बोरिवली में आहार के तब के प्रेसिडेंट रमानाथ पायडे का मर्डर हो गया था। पुलिस को टिप मिली कि इस मर्डर के पीछे शरद शेट्टी के खास आदमी मारियो डिक्सन कुछ अन्य लोगों का हाथ है। धर्माधिकारी बताते हैं कि हमें मारियो के बारे में काफी इनपुट्स मिले और बाद में वह मोहल्ला भी मिल गया, जहां एक बिल्डिंग में उसका घर था। जो शख्स मारियो को पहचानता था, पुलिस फिर उसे लेकर उस मोहल्ले में पहुंच गई। हर घर पर बाहर से नजर रखी गई। उसी में पुलिस ने नोट किया कि एक घर में हर कांच की विंडो अखबारी कागजों से कवर है। ऐसा लोग तभी करते हैं, जब इस बात का एहतियात बरता जाए कि घर के अंदर जल रही लाइट का भी बाहर किसी को पता चले।

फौरन शक गया कि कहीं यही तो मारियो का घर नहीं है। तभी एक शख्स ने चंद सेकेंड के लिए एक विंडो खोली। सड़क की ओर मुंह किया, फिर नीचे थूका और फौरन घर के अंदर चला गया। धर्माधिकारी के साथ वाले शख्स ने उसे पहचान लिया कि यही मारियो डिक्सन है। पुलिस टीम फिर उसके घर की तरफ जाने लगी। तभी धर्माधिकारी ने देखा कि एक व्यक्ति मारियो के घर टिफिन लेकर जा रहा है।

पुलिस ने फौरन उस व्यक्ति को पकड़ा और फिर मारियो डिक्सन के घर के बाहर खड़ा कर उसके घर की घंटी बजा दी। अंदर सेआई मिररसे जैसे ही मारियो ने अपने परिचित को देखा, तो दरवाजा खोल दिया। उस शख्स के साथ फौरन पुलिस टीम भी अंदर घुस गई। बाद में पता चला कि टिफिन लाने वाला व्यक्ति भी मारियो के साथ रामनाथ पायडे के मर्डर में शामिल है। घर में मारियो की पत्नी भी मौजूद थी। जब मारियो से पूछताछ हुई, तो पता चला कि उसकी अभी नई-नई शादी हुई है। शिवराम शेट्टी की पत्नी से अलग मारियो की पत्नी को अपने पति की अंडरवर्ल्ड गतविधियों का पता था। मारियो शरद शेट्टी को अपना गॉडफादर मानता था और शादी के बाद उससे आशीर्वाद लेने उसके जोगेश्वरी स्थित बंगले में पत्नी को लेकर गया भी था। मारियो भी एक संपन्न और पढ़े लिखे परिवार से ताल्लुक रखता था। उसके पिता बोरिवली में किसी कॉलेज के प्रिंसिपल थे।

धर्माधिकारी कहते हैं कि मारियो से पूछताछ में पता चला कि वह रामनाथ पायडे के मर्डर के अलावा बोरिवली में एक गुजराती व्यक्ति के मर्डर में भी शामिल है। मारियो ने बोरिवली मर्डर में शिवराम शेट्टी का भी नाम लिया, इसलिए पुलिस ने गुजराती व्यक्ति के मर्डर में शिवराम को भी अरेस्ट किया। उसी दौरान उसकी पत्नी को अपने पति की अंडरवर्ल्ड गतिवधियों की पहली बार जानकारी मिली। उस केस में कुछ महीने जेल में रहने के बाद शिवराम जमानत पर बाहर गया। उसके बाद उसके प्रतिद्वंद्वी गिरोह में उसके खिलाफ कुछ ऐसा हुआ कि उसे बाद में उसके ऑफिस में उसकी पत्नी के साथ भून दिया गया। अंडरवर्ल्ड में महिलाओं और बच्चों को मारने के उसूलों की धज्जियां उड़ गईं।

ବିଲୁଆଖାଇର ଭୟ- ଛବିରାଣୀ ମର୍ଡର ମିଷ୍ଟ୍ରିକୁ ନେଇ ସ୍ବତନ୍ତ୍ର ଉପସ୍ଥାପନା।

୧୯୮୦   ମସିହା ଅକ୍ଟୋବର ୨ ୩ ତାରିଖ ରାତି ପ୍ରାୟ ୯ଟା। ସବୁଠି ଅନ୍ଧାର ତା ' ର ସମ୍ରାଜ୍ୟ ବିସ୍ତାର କରିସାରିଥିବା ବେଳେ ହାଲୁକା ଶୀତୁଆ ପବନରେ ଦେହ ଶୀଦେଇ ଯାଉଥାଏ...